गैंगस्टर दुर्लभ कश्यप का जीवन परिचय, Durlabh Kashyap Biography in Hindi

दुर्लभ कश्यप का जीवन परिचय, बायोग्राफी, जन्म, उम्र, धर्म, गैंगस्टर, परिवार, (Durlabh Kashyap Biography in Hindi, Murderer, Gangster, Age, Birth Place, Religion)

Durlabh Kashyap Biography in Hindi: नमस्कार दोस्तों आज के इस लेख में हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताने वाले है, जिसने बहुत कम उम्र में अपराध की दुनिया में पैर रख दिया और गैंगस्टर बन गया, और एक ऐसी गैंग बना डाली जो धमकी से लेकर मर्डर मिनटों में करती थी. जी हा दोस्तों हम बात कर रहे है दुर्लभ कश्यप जो की मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाला था यह महज १६ साल की उम्र में अपराध की दुनिया में उतर गया था.

जिसे लोग कोहिनूर नाम से भी जाना करते थे और इनकी गैंग का नाम भी कोहिनूर ही था इनकी महज २० साल की उम्र में आपसी रंजिस के अंदर हत्या कर दी गयी लेकिन यह आज भी युवाओं के बिच प्रशिद है.

दुर्लभ कश्यप जीवन परिचय (Durlabh Kashyap Biography in Hindi)

परिचय बिंदु (Introduction Points)परिचय (Introduction)
नाम दुर्लभ कश्यप
उपनाम कोहिनूर
जन्म दिन 8 नवंबर 2000
जन्म स्थान मध्य प्रदेश, उज्जैन
पिता का नाम मनोज कश्यप
धर्म हिन्दू, ब्राह्मण
मृत्यु हत्या 7 नवंबर 2020
हत्या का कारण गैंगस्टर, आपसी रंजिस

दुर्लभ कश्यप कौन है 

दुर्लभ कश्यप का जन्म 8 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ था इसको लोग कोहिनूर के नाम से भी जानते थे यह उज्जैन का खूंखार अपराधी, गैंगस्टर और मर्डर था इसने केवल 16 वर्ष की उम्र में ही अपराध की दुनिआ में कदम रख दिया था इसके सर बहोत सारे अपराध थे जैसी की धमकी देना, लूटपाट, हफ्ता वसूली और मर्डर जैसे केस शामिल है वह फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिए आपराधिक कामों अंजाम देता था।

दुर्लभ कश्यप का लुक

दुर्लभ कश्यप अपने माथे पर काला टिका लगता था, आखों में काला सुरमा, और काले कपड़ो के साथ काला गमछा रखता था और बाकी शरीर की बनावट आप निचे देख सकते है

रंग साफ़
लम्बाई 5 फ़ीट 10 इंच
वजन 65 किलो
आखो का रंग भूरा
बालों का रंग काला
उम्र 20 वर्ष

दुर्लभ कश्यप की उम्र 

दुर्लभ कश्यप का जन्म 8 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ था इनके पिता का नाम मनोज कश्यप है 2023 के अनुसार दुर्लभ कश्यप 23 वर्ष के हो गए है लेकिन इनकी हत्या 7 सितम्बर 2020 को कर दी गयी थी उस समय इनकी उम्र केवल 20 वर्ष थी हत्या का स्थान भी मध्य प्रदेश, उज्जैन ही था और हत्या का कारण था आपसी रंजिस।

दुर्लभ कश्यप गैंगस्टर क्यों और किसलिए बना

दुर्लभ कश्यप काम उम्र में फेमस होना चाहता था इसलिए उसने गैंगस्टर बनने का निश्चय किया एक इंटरव्यू में दुर्लभ के पिता बताते है की 15 साल की उम्र में वह असामाजिक लोगों के साथ बैठने लग गया था और १६ साल की उम्र में अपराध करने लग गया था.

कानून की नज़र में उसका सबसे पहला अपराध सोशल मीडिया की तरफ से आया था उसने अपने फेसबुक अकाउंट के अबाउट सेक्शन में लिखा था की मैं एक कुख्यात गैंगस्टर हूँ। एक हत्यारा हूं। किसी भी तरह का विवाद निपटाने के लिए, संपर्क करें। मैं हर तरह का विवाद निपटा दूंगा।

Kohinoor Gang

यही से दुर्लभ कश्यप के गैंगस्टर जीवन की शुरुआत हुई उसके बाद धीरे धीरे लोग दुर्लभ को गैंगस्टर के नाम से जानने लगे और उसने अपनी एक गैंग बनाई जिसका नाम था कोहिनूर और उसको 100 से भी अधिक लड़को ने ज्वाइन किया था। और उसने अपराध की दुनिआ में ऐसी छवि बना दी थी की हर कोई उससे डरता था और वह दुकानदारों से हफ्ता वसूली भी करते थे और इसी दिन से वह एक कुख्यात गैंगस्टर बन गया था.

दुर्लभ कश्यप कैसे गिरफ्तार हुआ

दुर्लभ कश्यप अपने आपराधिक कार्य सोशल मीडिया के सहारे अंजाम देता था फिर चाहे किसी को धमकी देनी हो या हफ्ता वस्सोली करनी हो या फिर अपनी गैंग को कण्ट्रोल करना हो लेकिन इसी सॉइल मीडिया की वजह से दुर्लभ कश्यप गिरफ्तार हुआ था जब उज्जैन के अन्दर कोहिनूर गैंग का अत्याचार बहुत अधिक बढ़ गया था तब अपराध को रोकने के लिए उस समय उज्जैन शहर के तत्कालीन SP आईपीएस सचिन अतुलकर ने दुर्लभ और उसके गैंग के खिलाप एक हिस्ट्रीशीटर लिस्ट निकाला और एक आपरेशन चलाकर 27 अक्टूबर 2018 को दुर्लभ कश्यप और उनके गैंग के 23 साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

दुर्लभ कश्यप जेल से कैसे निकला

जब आईपीएस सचिन अतुलकर ने दुर्लभ को गिरफ्तार किया था तब दुर्लभ उस समय बालिक था इसलिए उसे बाल सुधार गृह में भेज दिया गया और जैसे ही वह बालिक उम्र से निकला तो उसे बड़े लोगो की जेल में भेज दिया गया.

दुर्लभ के जेल जाने के बाद भी कोहिनूर गैंग लगातार काम कर रही थी जिसके कारण दुर्लभ के कई सारे दुश्मन बन गए थे जब दुर्लभ के जेल जाने के बाद आईपीएस सचिन अतुलकर जेल के दौरे पर आये और दुर्लभ से खा की तुम्हे आसानी से जेल मिल जाएगी लेकिन अगर तू जेल में रहेगा तो जिंदा रहेगा क्युकी तूने अपनी उम्र से अधिक दुश्मन बना लिए है।

दुर्लभ ने आईपीएस की बात नहीं मानी और लगभग १ साल जेल में गुजारने के बाद उसे रिह्या कर दिया गया.

दुर्लभ कश्यप की मृत्यु कब और कैसे हुई

6 सितम्बर 2020 की रात जब दुर्लभ अपनी माँ के साथ रात का खाना खाया वैसे ही चार दोस्त दुर्लभ को बुलाने आते है और कहते है चल दुर्लभ बाहर घूमने चलते है दुर्लभ अपनी माँ से खता है की मैं थोड़ी देर में आता हु वह गली में चाय पीने के लिए जाते है जहां पर शाहनवाज और उसकी गैंग के लोग बैठे थे शाहनवाज उज्जैन का छोटा सा लोकल गुंडा था जिससे दुर्लभ कश्यप की अक्षर लड़ाई होती रहती थी.

चाय पीते पीते दुर्लभ और शाहनवाज के बीच में झगड़ा हो गया जिससे दुर्लभ ने अपनी पिस्तौल निकाली और शाहनवाज के कंधे पर गोली मारी जिससे उसकी गैंग दुर्लभ और उसके दोस्तों पर टूट पड़ी जब शहनवाज की गैंग दुर्लभ पर भारी पड़ने लगी तो उसके दोस्त अपनी जान बचाकर भाग गए और दुर्लभ अकेला फस गया दुर्लभ को अकेला पाकर शहनवाज के गैंग के लोगो ने दुर्लभ को 34 बार चाकूमरकर हत्या कर दी, दुर्लभ की हत्या 7 सितंबर 2020 को रात लगभग 2 बजे हुई।

महेंद्र सिंह धोनी की जीवनी से जुडी कुछ ख़ास बाते

FAQ’s

प्रश्न : दुर्लभ कश्यप कौन था?

दुर्लभ कश्यप एक कुख्यात अपराधी, गैंगस्टर और मर्डर था.

प्रश्न : दुर्लभ कश्यप की हत्या किसने की थी?

दुर्लभ की हत्या शाहनवाज गैंग के लोगो ने की थी।

प्रश्न : दुर्लभ कश्यप की हत्या कब की गयी थी?

7 सितम्बर 2020

प्रश्न : दुर्लभ कश्यप को क्यों मारा गया था?

दुर्लभ उज्जैन का एक बहुत बड़ा गैंगस्टर बन गया था जिस कारण उसके शहर में कई लोगो से दुश्मनी हो गयी थी और इसी कारण से वह मारा गया।

प्रश्न : दुर्लभ कश्यप गैंगस्टर क्यों बना?

दुर्लभ कश्यप काम उम्र में फेमस होना चाहता था इसलिए उसने अपराध की दुनिआ में पैर रखा और एक कुख्यात गैंगस्टर बन गया.

प्रश्न : दुर्लभ कश्यप की जाती क्या है?

दुर्लभ कश्यप हिन्दू कॉम से बिलोंग करता था और उसकी जाती ब्राह्मण थी.


Leave a comment